অসম আদিত্য - দেশ-জাতিৰ অতন্দ্ৰ প্ৰহৰী
শেহতীয়া খবৰ
हवाई ईंधन की कीमत में फिर 5% की बढ़ोतरी, अब हवाई सफर करना होगा महंगा-कोरोना महामारी से निपटने के लिए किम जोंग उन करने वाले हैं सेना का इस्तेमाल-कोरोना महामारी से निपटने के लिए किम जोंग उन करने वाले हैं सेना का इस्तेमाल-असम में कैंसर सेंटरों के उद्घाटन पर बोले रतन टाटा-असम दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी, सात कैंसर अस्पतालों का करेंगे उद्घाटन-असम दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी, सात कैंसर अस्पतालों का करेंगे उद्घाटन-विश्व मलेरिया दिवस-दुनिया का रक्षा खर्च 20 खरब डॉलर के पार पहुंचा, भारत भी टॉप 3 में शामिल-जापान में एक टूरिस्ट बोट डूबने से 11 यात्रियों की मौत-नाइजीरिया की अवैध तेल रिफाइनरी में धमाका, 100 से ज्यादा लोगों की मौत

विश्व मलेरिया दिवस

0

हर साल विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। इस साल आज के दिन यानी 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जा रहा है। आज के समय कई देश इस खतरनाक बीमारी से लड़ रहे हैं। हर साल मलेरिया लाखों लोगों को निगल लेता है। मलेरिया एक जानलेवा बीमारी है, जो संक्रमित मच्छरों के काटने से होती है। 25 अप्रैल 2008 पहली बार ‘विश्व मलेरिया दिवस’ का आयोजन किया गया था। यूनिसेफ ने इस दिन की शुरुआत की गई। हर साल पूरे विश्व में इस रोग से कई लोग जान गवां देते हैं यहीं कारण है इस दिन को मनाने की वजह, जिससे लोग इस घातक बीमारी से के प्रति जागरूक रहें। मरने वालों में ग्रामीण और अविकसित क्षेत्र के लोगों की संख्या अधिक होती है। ‘मलेरिया’ इटालियन भाषा के शब्द ‘माला’+’एरिया’ से बना है। इस मतलब बुरी हवा होता है। ऐसा माना जाता है इस बीमारी को सबसे पहले चीन में पाया गया था, जहां इसे उसे समय दलदली बुखार कहा जाता था, क्योंकि यह बीमारी गंदगी से पनपती है। साल 1880 में मलेरिया पर सबसे पहला अध्ययन वैज्ञानिक चार्ल्स लुई अल्फोंस लैवेरिन ने किया। हर साल इसे लेकर एक थीम रखी जाती है, जिसपर फिर देश के विभिन्न चिकित्सक, वैज्ञानिक, विशेषज्ञ जिसपर कार्य करते हैं।  इस बार की थीम है “मलेरिया रोग के बोझ को कम करने और जीवन बचाने के लिए नवाचार का उपयोग करें”। इसको रखने का उद्देश्य यह है कि इस बीमारी को देश से उखाड़ फेंकना है और देश को मलेरिया मुक्त बनाना है। मलेरिया बरसात के मौसम में होने वाली सबसे आम लेकिन गंभीर बीमारी है। बरसात के मौसम में जगह-जगह जलभराव होता है जिससे मच्छर पनपते हैं। इन्हीं मच्छरों को काटने से मलेरिया होता है। इस मच्छर को मादा ऐनाफिलिज कहते हैं। इसी के काटने से व्यक्ति मलेरिया से संक्रमित हो जाता है। इससे बचने के लिए सबसे अच्छा उपाय अपने आसपास साफ-सफाई का खास ध्यान रखना है।

मलेरिया के लक्षण-

  • तेज बुखार लगातार रहना
  • बहुत ज्यादा ठंड लगना
  • बहुत ज्यादा पसीना आना
  • शरीर में कमजोरी आना

मलेरिया के बचाव 

  • मलेरिया बीमारी से बचाव के लिए कुछ उपाय हैं। अगर आपने कुछ चीजों का ध्यान रख लिया तो आप इस गंभीर बीमारी की चपेट में आने से बच सकते हैं। जानिए मलेरिया से कैसे बचा जा सकता है।
  • मलेरिया से बचाव के लिए सबसे पहला उपाय है अपने आसपास साफ-सफाई रखें।
  • घर में कूलर है तो पानी निकालकर हर हफ्ते उसकी सफाई करें।
  • कूलर में मिट्टी के तेल की कुछ बूंदे डालने से भी उसमें मच्छर नहीं पनपते।
  • बरसात के मौसम में पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
  • सोते वक्त मच्छरदानी या फिर मॉस्किटो रेप्लीकेंट का इस्तेमाल करें। 
Leave A Reply

Your email address will not be published.